Tuesday, 7 November 2017


सवा दो सौ बच्चों पर छाई मुस्कुराहटे  
मोबाईल डेन्टल वेन के माध्यम से हुआ बच्चों का उपचार 

राजसमंद, 7 नवम्बर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिलें में संचालित मोबाईल डेन्टल वेन अब तक 225 बच्चों के दांतो का उपचार कर मुस्कान बिखेर रही है। जनजाति बाहुल्य क्षैत्र के सूदूर गांव - ढांणियों में रहने वाले इन बच्चों के लियें घर बैठे निःशुल्क दन्त सम्बन्धी उपचार मिलना किसी किसी तोहफे से कम नहीं है। 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पंकज गौड़ ने बताया की जिलें में तीन स्थानो देलवाड़ा, केलवाड़ा व खमनोर में डेन्टल वेन के माध्यम से अब तक 225 बच्चों में दांतो सम्बन्धी बिमारीयों का उपचार किया गया है।
मोबाईल वेन पर कार्यरत दंत चिकित्सक डॉ मनीष शर्मा व डॉ आशुतोष पालीवाल ने डेन्टल स्केलिंग, टूथ फिलिंग, टूथ एक्सट्रेक्शन जैसी विभिन्न प्रक्रियाआंे के माध्यम से इलाज किया। 
दंत रोगो की रोकथाम के लियें मुख स्वास्थ्य से सम्बन्धी जानकारी एव परामर्श दिया। वे बच्चों को दांतो की नियमित सफाई के लियें भी प्रेरीत कर रहें है।

Thursday, 2 November 2017



आर.बी.एस.के मोबाईल डेन्टल वेन बच्चों में बिखेर रही मुस्कान
जिलें में शुरू हुआ बच्चों के दांतो का उपचार

राजसमंद, 2 नवम्बर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिलें में मोबाईल डेन्टल वेन जिलें के विभिन्न 12 स्थानों पर जाकर बच्चों के दांतो का उपचार कर रही है। शिविर की शुरूआत देलवाड़ा से की गई जहां 59 बच्चों के दांतो संम्बन्धी विभिन्न बिमारीयों का उपचार किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पंकज गौड़ ने बताया की जिलें में प्रत्येक स्थान पर दो दिवसीय शिविरो का आयोजन किया जा रहा है। आज शुक्रवार को खमनोर में, दिनांक 6 नवम्बर को केलवाड़ा में,  8 नवम्बर को चारभुजा, 10 नवम्बर को भीम, 13 नम्बर को बार, 15 को देवगढ़, 17 को आमेट, 20 को केलवा में, 22 को कांकरोली, 24 को रेलमगरा व 27 को दरीबा में शिविर का आयोजन किया जायेगा। 
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेश मीणा ने बताया की मोबाईल डेन्टल वैन में अत्याधुनिक दंत चिकित्सकी उपकरणों के साथ दो दंत चिकित्सक जिनके द्वारा रूट कैनाल, स्कैलिंग, केपिंग जैसी विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से बच्चों का उपचार किया जायेगा।
उन्होंने बताया की स्कूलों एवं आंगनवाड़ी में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मेडिकल टीम द्वारा चिन्हीत बच्चों का उपचार ही नहीं बल्की उन्हें मुख स्वास्थ्य की बारें में जागरूक किया जायेगा। जिससे की उन्हें भविष्य में इस तरह की समस्याओं से ग्रस्त नहीं होना पड़े।



आप भी बने बेटी अनमोल है रक्षक  
 वॉलेन्टीयर्स बन महाविद्यालयों शिक्षण संस्थाओं में युवाओं को करें जागरूक  
जयपुर में मिशन निदेशक श्री नवीन जैन देंगे प्रशिक्षण

राजसमंद, 2 नवम्बर। प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं मिशन निदेशक एनएचएम श्री नवीन जैन युवा पीढ़ी को कन्या भ्रुण हत्या रोकथाम हेतु सजग करने के उदे्श्य से डॉटर्स आर प्रीसीयस अभियान के तहत व्याख्यान दे रहें है। 
इसी अभियान को संपूर्ण प्रदेश में व्यापकता के साथ क्रियान्वित करने के उदे्श्य से अधिक से अधिक युवाओं को कन्या भु्रण हत्या विषय पर संवेदीत और सजग करने के उदे्श्य से एनएचएम के मिशन निदेशन श्री नवीन जैन ने लोगो का आव्हान किया है कि वे इस महाअभियान में सहयोगी बननें के उदे्श्य से वॉलेन्टीयर बन जुडे़। 
ये वॉलेन्टीयर्स अपनी इच्छा से कोई भी महाविद्यालय, शिक्षण संस्थान का चुनाव कर उसमें बेटी बचाओं अभियान को लेकर व्याख्यान देंगे जिससें यूवा पीढ़ी पीसीपीएनडीटी कानून, समाज में कम हो रही बेटीयों से भविष्य में होने वाली विसंगतियों और बेटी बचाने के लियें सरकार द्वारा कियें जा रहें प्रयासों के बारे में आमजन को जागरूक कर सकें। 
वॉलेन्टीयर्स को 4 नवम्बर को जयपुर में टोंक रोड़ स्थित एग्रीकल्चर रिसर्च सेंटर के ऑडिटोरियम में राज्य समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी एवं मिशन निदेशक एनएचएम श्री नवीन जैन वॉलेन्टीयर्स को प्रशिक्षण देंगे। 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पंकज गौड़ ने बताया की जिले से वॉलियेन्टर्स के रूप में कोई भी अपना नाम पीसीपीएनडीटी प्रकोष्ठ अथवा आईईसी प्रकोष्ठ में दे सकता है। जिला पीसीपीएनडीटी समन्वयक श्री कपिल भारद्वाज के व्हाट्सअप नम्बर 9460067299 व जिला आईईसी समन्वयक श्री दिलीप श्रीमाली के व्हाट्सअप नम्बर 9001011686 पर संपर्क कर अपना नाम दे सकते है। साथ ही राज्य स्तर पर ईमेल daughtersareprecious@gmail.com या व्हाट्सएप नम्बर 9602179555/9462944843 पर भी अपना नाम भेज सकतें है। 

Wednesday, 1 November 2017



चैना राम को पथरी से मिली निजात बीएसबीवाई में हुआ निःशुल्क ईलाज

राजसमंद । मादड़ा गांव के रहने वाले 70 वर्षीय चैना राम गुर्जर पेट असहनिय दर्द से रह - रह कराहते कभी - कभी तो पुरी रात ही बिना सोये गुजर जाती। चैना राम का दिन काटना मुष्किल हो गया।
चैना राम के बेटे भैरूलाल ने बताया की इसी दौरान पिता चैना राम को वे कांकरोली सीएचसी पहुंचें जहां डॉ भुपेष परतानी ने बताया की पित्त की थैली में पथरी है। जिसका एकमात्र उपाय ऑपरेषन ही है। 
उन्होंने परिवार को योजना में लाभार्थी होने की पुष्टी की तथा बताया की ऑपरेषन किसी भी योजना में सम्बद्ध निजी चिकित्सालय में निःषुल्क हो जायेगा। 
परिवार वाले वृद्ध चैनाराम को अनन्ता हॉस्पीटल मंे लेकर पहुंचे जहां निःषुल्क सफल ऑपरेषन किया गया तथा अब चैनाराम स्वस्थ है। 
भैरूलाल ने बताया की इस योजना के अभाव में पिता चैनाराम का ईलाज करवाना बहुत मुष्किल था। चैनाराम के दो बेटे है लेकिन दोनो ही अलग रहतें है। दोनो बेटे भी दिहाड़ी मजदूरी कर जैसे तैसे अपने परिवार को पाल रहे है। 
 चैनाराम व उनकी पत्नी मोहनी बाई साथ रहतें है तथा खेतो में जो थोड़ी बहूत आमदनी होती है उसी पर गुजर बसर कर रहै है। 
बेटा भैरूलाल तो सरकार इस योजना को गरीबों के लियें संजीवनी मान रहा है। वह कहता की सरकार की इस योजना ने उसकें पिता को पुनः एक नया जीवन दे दिया है। 

Tuesday, 31 October 2017


अपनी पर्यवेक्षण क्षमताओं को बढ़ायें एलएचवी - डॉ पंकज गौड सीएमएचओ
जिला स्तर पर आयोजित हुई नियमित टीकाकरण के साथ ही अन्य विभागीय कार्यक्रमों समीक्षा बैठक 

राजसमंद, 31 अक्टूबर। महिला स्वास्थ्य मार्गदर्शिका चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की महत्वपुर्ण धूरी है और वह क्षैत्र में गांव स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का लगातार सहयोगात्मक पर्यवेक्षण कर विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रगति में सुधार ला सकती है। लेकीन इसकें लियें विभिन्न कार्यक्रमों की सूचनाओं से अद्यतन रहने व क्षैत्र में नियमित भ्रमण करना आवश्यक है। यह निर्देश मुख्य चिकितसा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पंकज गौड़ ने स्वास्थ्य भवन में आयोजित महिला स्वास्थ्य मार्गदर्शिकाओं की समीक्षा में बैठक में दियें। 
डॉ पंकज ने निर्देशित किया की स्थानिय जिला प्रशासन एवं विभाग की और संचालित मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य के तहत संचालित कार्यक्रमों में गुणवत्ता हेतु महिला स्वास्थ्य मार्गदर्शिका को जिम्मेदारी से गर्भवती महिलाओं की प्रसव पुर्व जांच, संस्थागत प्रसव हेतु प्रेरीत करने एवं प्रसव पश्चात की जांचो का फोलोअप अनिवार्यतौर पर लिया जायें। 
बैठक में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेश मीणा ने सभी को नवजात शिशुओं के मृत्यु के कारणों की जानकारी देते हुयें बताया की प्रीमेच्योंर डिलीवरी को करवाने समय आवश्यक सावधानीयों में बारें बताया वहीं 1800 ग्राम से कम वजन के बच्चों को तुरंत जिला चिकित्सालय में रेफर करने के लियें निर्देशित किया। नवजात शिशु को तुरंत रेडियेन्ट वार्मर में रखने तथा जहां रेडियेन्ट वार्मर नहीं है वहां 200 वॉट के बल्ब के नीचे रखने के लियें निर्देशित किया।
डॉ मीणा ने किसी भी हाल में प्रसव दर्द बढाने के लियें इन्जेक्शन अथवा अन्य किसी भी रूप में यूट्रो टोनिक नहीं देने के निर्देशित किया। उन्होंने बताया की इनकें उपयोग से मां व बच्चें दोनो के ही स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। 
बैठक में एलएचवी ने पूर्व में दियें गयें निर्देशों पर फिल्ड विजिट के अनुभव बतायें तथा क्षैत्र में आ रहीं समस्याओं के बारें में बताया। 


वृद्धावस्था में लाठी बन सहारा दे रही भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना  
लीवर में सूजन से हुयें बेहाल, अभी आईसीयू में जारी उपचार 

राजसमंद। वृद्धावस्था है ही ऐसी की इसमें न जाने कितनी ही बिमारीयां आ लगती है। ऐसा ही कुछ देवगढ के कुण्डेली गांव में रहने वाले प्रताप जी कलाल के साथ हुआ। लीवर में सुजन के कारण पीलीया और फिर मलेरिया जैसी कई बिमारीयों ने उनको अशक्त बना दिया। 
               65 की उम्र में अब घर पर केवल वे और उनकी पत्नी बस दोनो ही है।गांव में दो तीन बिघा जमीन है लेकीन अब वृद्धावस्था के कारण उसमें खेती भी नहीं कर पातें। प्रताप जी के तीन बेटीया है जिनकी शादी हो गई और वे ससुराल चली गई। ऐसे में प्रताप जी इलाज पर होने वाले खर्च को लेकर घबरा कर घर पर ही इन बिमारीयों को भुगत रहें थें और पत्नी तरह - तरह के नुस्खें आजमा रही थी।
               उनकी बेटीयां अस्पताल चलने को कहती तो कहते घर पर ही ठीक हो जाउंगा वे नहीं चाहते की उनकी बिमारी पर बेटीयां खर्च करें। ऐसे में उनकी बेटीयों ने भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना की जानकारी देकर बताया की इनसे उनके इलाज पर लगने वाला पुरा खर्च सरकार ही उठायेंगी, आपको तो बस अस्पताल पहुंचना है। 
            राजसमंद में ही तीनो बेटीयों का ससुराल होने के कारण बेटीयों ने उनको आर.के. राजकीय जिला चिकित्साल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ एच.सी सोनी को बताया तो उन्होंने आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया है। वर्तमान में प्रताप जी का आईसीयू में उपचार जारी है। 


Monday, 30 October 2017



महिपाल
भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के कारण महिपाल को नही लेना पड़ा कर्ज
योजना के तहत हर्निया का ऑपरेशन हुआ बिल्कुल मुफ्त

राजसमंद । 26 वर्षीय महिपाल एक गरीब परिवार को लड़का जो की वल्लभनगर उदयपुर का निवासी है। राजसमंद मंे वह करजीयांघाटी हाइवे पर एक ढाबें में नोकरी करता है। हर्निया की समस्या से ग्रस्त महिपाल का भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में बिल्कुल कैशलेस ऑपरेशन हो गया है। योजना गरीब परिवारों के लियें वरदान साबित हो रही है। 
महिपाल बिमारी के बारें में बताया की प्रभावित स्थान पर एक नई व सख्त गांठ हो गई तथा तेज दर्द भी शुरू हो गया झुकना और वजन उठाना तो असंभव ही हो गया और नौकरी करना भी मुश्किल हो गया। 
उपचार के लियें वह राजकीय जिला चिकित्सालय में पहुंचा जहां सर्जन डॉ एमण्के मीणा ने बताया की ऑपरेश ही इस बिमारी का एकमात्र इलाज है। ऑपरेशन का नाम लेते ही महिपाल अपने घर की आर्थिक स्थिती के बारें बताते हुयंे कहा की वह तो ढाबे पर नौकर करता हैए दो बड़ी बहने है और पिता जी एक . दो बीघा जमीन पर खेती करते है। अभी हाल में ही शादी हुई उसमें में भी पिताजी ने कर्ज ले रखा है। ऐसे में ऑपरेशन के लियें पैसा कहां से लायेगा। 
उसने बताया की उसके परिवार के पास भामाशाह कार्ड है क्या उससे उसका इलाज निःशुल्क हो सकता है। डॉ मीणा ने संस्थान के स्वास्थ्य मार्गदर्शक से मिलवाया तथा स्वास्थ्य मार्गदर्शक ने ऑनलाईन चैक कर बताया की महिपाल का परिवार खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत योजना में पात्र है। बस फिर क्या था तत्काल डॉ मीणा ने ऑपरेशन कर दिया। महिपाल ऑपरेशन के बाद आरण्केण् राजकीय जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य लाभ ले रहा है। 
अस्पताल मे बेटे महिपाल की देखरेख कर रहें पिता लाल सिंह तो सरकार की इस योजना को उपर वाले की दया बताते हुये कहते ही हम जैसे गरीब परिवारों के लियें यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है।