Tuesday, 17 April 2018



ग्रामीणो की सजगता से रूप सिंह हुआ भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में निःशुल्क उपचार 

राजसमंद। रूप सिंह ही हर दिन की तरह बकरीयों के लियें पेड़ पर चढ पेड़ की टहनियां काट रहा था की असंतुलित होकर निचे गिर पड़ा और एक हाथ बूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आस -पास के लोग दौड़ कर आयें और रूप सिंह को तुरंत कांकरोली के एक निजी चिकित्सालय शर्मा हॉस्पीटल में लेकर आयें।

रूप सिंह ने बताया की गांव के लोगो ने ही घर से उनका भामाशाह कार्ड, आधार कार्ड और आवश्यक दस्तावेज साथ लियें और शर्मा हॉस्पीटल लेकर आयें। जिससें बिना कोई खर्च उनके हाथ का ऑपरेशन प्राईवेट हॉस्पीटल में हो गया और ईलाज के लियें उनको किसी के सामने हाथ भी नहीं फैलाने पड़े।  

रूप सिंह बताता है की वह गांव में ही खेती - बाड़ी करता है और बकरीया पालता है एक लड़का है जो जोधपुर में किसी होटल में नौकरी करता है, लड़के की नौकरी से उसका परिवार ही बमुश्किल पलता है ऐसे में वह आर्थिक रूप से मेरी किसी तरह मदद नहीं कर पाता है। ऐसी तंगहाली में यह दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुयें हाथ का उपचार करवाना कर्ज लेकर ही संभव था। जिसको चुकाते- चुकाते कई साल बीत जातें। 
रूप सिंह के हाथ का ऑपरेशन कर बोन ग्राफ्टींग एवं प्लेटिंग की गई। रूप सिंह अभी हॉस्पीटल में ही उपचाररत है। योजना के बारें में वह बताया है की गांव में अब सभी हॉस्पीटल जाते समय भामाशाह कार्ड और आधार कार्ड साथ लेकर जाते है। इस योजना के कारण मेरा ईलाज प्राईवेट हॉस्पीटल में बिना किसी आर्थिक भार हो पाया है इसलियें सरकार के जितने गुण गांयें उतना ही कम है। 

Thursday, 12 April 2018


भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना ने वृद्ध दम्पत्ति को दिया सम्बल
पत्नी के बच्चेदानी और पति के हाथ का ऑपरेशन संभव हुआ भामाशाह स्वास्थ्य योजना की बदौलत

राजसमंद। भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना किस तरह गांव - ढाणी तक पहुंच अशिक्षित, गरीबों को बिना किसी खर्च के ईलाज उपलब्ध करवा इनको नया जीवन दे रही है। इसका एक जीवंत उदाहरण नाथद्वारा तहसील के गांव पिपलिया में निवासरत गणेश कुंवर और उनके पति बाघ सिंह है। जिनको जीवन की इस असहाय अवस्था में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना ने सहारा देकर एक नया जीवन दिया है। 
गणेश कुंवर ना जाने कब से बिमारी की पीड़ा भोग रही थी लेकिन अपने परिवार की आर्थिक स्थिती के चलते उसने हॉस्पीटल जाने की नहीं सोची। ना जाने बिमारी पर कितना रूपया खर्च हो जायें जब घर में एक धैला ना हो, जीवन बकरीयों को चराने और दो वक्त की रोटी के जुगाड़ में बीत रहा हो ऐसे में ईलाज की सोचना भी दुश्वार सा था। 
वो एक दिन कैसे यूं ही मौहल्ले में अपने हमउम्र की महिलाओं के बीच बतियाते गणेश कुंवर की पीड़ा जुबां पर आ गई तो तपाक से एक महिला कह उठी भामाशाह कार्ड और आधार कार्ड लेईन हॉस्पीटल जावो सरकार मुफत में ईलाज करी री है।  बस फिर क्या था गणेश कुंवर वहां से सीधी घर आई और भामाशाह कार्ड और आधार ढूंढ कर पहुंच गई उदयपुर जनाना हॉस्पीटल फिर क्या था। डॉक्टर ने बताया की बच्चेदानी का ऑपरेशन होगा ,गणेश कुंवर ने अपने पास एक प्लास्टिक की थैली में सहेजकर रखे भामाशाह कार्ड और आधार कार्ड को बताया तो पात्र परिवार की पुष्टी कर गणेश कुंवर का बच्चेदानी का ऑपरेशन हो गया बिल्कुल कैशलेस। 
फिर 3 माह बाद पति बाघ सिंह गांव में लोकदेवता राड़ाजी के देवरे में घर में बनी रोटी का भोग लगाने गया तो सिढीयों से पैर फिसला और हाथ का फ्रेक्चर हो गया। गणेश कुंवर अब समझ गई भामाशाह कार्ड और आधार कार्ड साथ लेकर आर.के. हॉस्पीटल में आई और कार्ड बतायें। बाघ सिंह के हाथ का ऑपरेशन कर आवश्यक इम्प्लान्ट डाले गयें। ऑपरेशन डॉ नरेन्द्र पालीवाल और टीम ने किया। बिना किसी खर्च बाघ सिंह का बिल्कुल कैशलेस ईलाज भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना में हो गया।  अभी बाघ सिंह आर.के हॉस्पीटल के ट्रोमा वार्ड मे भर्ती है।  
योजना के बारे में बात करते हुयंे डबडबाई आंखो के साथ अपनी कृतज्ञता व्यक्त करतें हुयंे कहती है ज्यादा भणी थकी नी हूं लेकिन हां अणी योजना म्हाने जीवाया है। रूपया वना ईलाज री वात रो दूर, कोई हाथ तक नी लगावे लेकीन यो कार्ड माणी बिमारी में राम है। अतार्थ रूपये बिना कोई बिमारी की जांच करने हाथ भी नहीं पकड़ता ऐसे में ईलाज की बात तो दूर ही समझो लेकीन भामाशाह कार्ड ने बिमारी में हमारा भगवान बनकर साथ दिया है। 

Sunday, 11 March 2018



नौनिहालों ने गटकी दो बूंद जिदंगी की 
जिला स्तर पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र किशोरनगर से हुआ अभियान का शुभारम्भ 

राजसमंद, 11 मार्च। पल्स पोलियों अभियान का जिला स्तर पर शुभारंभ उपखंड अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद अग्रवाल ने किशोर नगर स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर नौनिहालों को दवा पिलाकर किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पंकज गौड़ एवं प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ सी.एल. डॅूंगरवाल,  उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ इकरामुद्दी चुड़ीगर, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ ललित पुरोहित, चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ राष्ट्र सहना आजाद सहित स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं वैक्सीनेटर उपस्थित थें। 
अभियान के तहत जिला स्तर से गठीत टीमो द्वारा जिसमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के जिला एवं खंड स्तर पर कार्यरत अधिकारीयों ने गांवो में स्थापित पोलियों बूथों का औचक निरीक्षण कर अभियान का पर्यवेक्षण किया। 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पंकज गौड़ एवं उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ इकरामुद्दीन चुड़ीगर ने राजसमंद ब्लॉक में, प्रभारी जिला औषधी भण्डार डॉ अनिल जैन ने रेलमगरा, बीसीएमओं डॉ जे.पी बूनकर ने खमनोर में, बीसीएमओं डॉ प्रहलाद सिंह सौलंकी ने कुम्भलगढ़ में, बीसीएमओं डॉ अनुराग शर्मा ने आमेट में, बीसीएमओं डॉ कमलेश मीणा ने भीम में, बीसीएमओं डॉ मीठा लाल मीणा ने राजसमंद में, बीसीएमओं डॉ शैलेन्द्र सिंह ने देवगढ़ में, बीसीएमओं डॉ आर.पी शर्मा ने रेलमगरा में गांव - ढाणियों में अभियान के क्रियान्वयन का गहन पर्यवेक्षण किया। 
जिलें भर में अभियान के उत्साह पूर्वक अभिभावक अपने बच्चों को नजदीकी पोलियों बूथ पर लेकर आयें तथा पोलियों रोधी दवा पीलाई। 
सीएमएचओं डॉ पंकज गौड़ ने बताया की अभियान के तहत हाईरिस्क एरिया खनन क्षैत्र, ईंटभट्टो, निमार्णाधीन ईमारतो जैसे चिन्हित क्षैत्रो पर विशेष फोकस कर बच्चों को पोलियों रोधी दवा पीलाई गई। उन्होनें बताया की आगामी दो दिन में वंचित बच्चों को घर - घर जाकर दवा पीलाई जायेगी। 

Tuesday, 27 February 2018





मां और बच्चें के लियें वरदान साबित होगा पहला कदम कार्यक्रम - श्री पी.सी बेरवाल जिला कलक्टर 
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न 
राजसमंद , 27 फरवरी । महिला के गर्भवती होने से लेकर प्रसव के बाद तक सतत संपर्क एवं सलाह एवं मोनिटरींग के लियें जिलें में संचालित पहला कदम कार्यक्रम मां और बच्चें के लियें वरदान साबित होगा। ये विचार जिला कलक्टर श्री पी.सी बेरवाल ने जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में ब्लॉक रेलमगरा एवं देवगढ़ में कार्यक्रम के लागू करने के बाद गर्भवती महिलाओं के पंजीयन एवं गर्भवती महिलाओं को दी जा रहीे सेवाओं में आये सकारात्मक परिणामों को लेकर कहें। 
      उन्होंने सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारीयों को एएनएम एवं आशा से सतत संपर्क रखतें हुयें पहला कदम कार्यक्रम की  जानकारी देने तथा सपोर्टीव सुपरविजन के लियें निर्देशित किया। उन्होंने कहा की ये कोई शॉर्ट टर्म कार्ययोजना नहीं है बल्की इसके परिणाम भविष्य में मिलेंगे जो सुनिश्चित और सकारात्मक होंगे। 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पंकज गौड़ ने बताया की पहला कदम कार्यक्रम के तहत सभी गर्भवती महिलाओं को गुणवत्ता पूर्ण प्रसव पूर्व सेवायें प्रदान करने एवं शत प्रतिशत पंजीयन करने हेतु दिनांक 14 मार्च 2018 को प्रातः 9 बजे से जिले की सभी पीएचसी, सीएचसी, सामान्य एवं जिला चिकित्सालयों में शिविर आयोजित कियें जायेंगे। 
उन्होंने चिकित्सा अधिकारी प्रभारीयों को कार्यक्रम की सफलता हेतु सभी एएनएम एवं आशा को पूर्व में सूचित करने एवं अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं लाभान्वित करने हेतु निर्देशित किया।
उन्होंने कहा की 14 मार्च को सभी चिकित्सा संस्थानो पर समस्त गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व पंजीयन, गर्भवती महिलाओं का ब्लड प्रेशर, खून, यूरीन सहित विभिन्न जांचे निःशुल्क की जायेगी। गर्भवती महिलाओं को आईरन, कैल्सीयम की गोलियों का वितरण किया जायेगा। उन गर्भवती महिलाओं जिनके बैक खाता नहीं है उनको बैंक खाता खुलवाने एवं जिनके भामाशाह कार्ड नहीं है उनको भामाशाह कार्ड बनवाकर प्राप्त करने हेतु सहायता की जायेगी। 
जिला कलक्टर श्री पी.सी बेरवाल ने पीएचसी एवं सीएचसी स्तर पर कार्यरत चिकित्सा अधिकारीयों को निर्देशित किया की प्रत्येक माह आयोजित होने वाली सैक्टर बैठक आशा दिवस जिसमंे एएनएम, आशा उपस्थित होती है उपस्वास्थ्य केन्द्र एवं गांव वार प्रत्येक कार्यक्रम एवं योजना के रिपोर्ट की समीक्षा करें । जिससें आशा, एएनएम अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी। 
उन्होंने कहा की पीएचसी एवं सीएचसी स्तर पर कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरर्स को कार्य प्रबंधन के तहत सही तरीके से उपयोग करें जिससें विभागीय ऑनलाईन पोर्टल में क्षैत्र में दी जा रही सेवाओ की रिपोर्ट को समय पर फिड हो सके और कार्यक्रमों एवं योजनाओं की वस्तुस्थिती एंव प्रगति को सुनिश्चित किया जा सकें। 
बैठक में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत चिकित्सा संस्थानों पर कार्यरत स्वास्थ्य मार्गदर्शको को जिला कलक्टर श्री पी.सी बेरवाल ने संस्थान में आ रहें मरीजों से संपर्क कर योजना में अधिक से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित करने के लियें निर्देशित किया। 
इससे पहले उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ इकरामुद्दीन चुड़ीगर ने मौसमी बिमारीयों, गैर संचारी रोगो की जिलें में वस्तुस्थिती से अवगत कराया तथा परिवार कल्याण कार्यक्रम के चिकित्सा अधिकारी प्रभारीयों को एएनएम एवं आशा के माध्यम से लाभार्थियांे से संपर्क करने के लियें निर्देशित किया। 
जिला नोडल अधिकारी मोनिटरींग एवोल्यूशन विनित दवे ने विभागीय कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्रगति को प्रजेन्टेशन के माध्यम से बैठक में सभी को अवगत कराया। 
बैठक में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ सी.एल. डूंगरवाल, डॉ बी.पी जैन, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जे.पी. बूनकर, डॉ अनुराग शर्मा, डॉ प्रहलाद सिंह सोलंकी, डॉ कमलेश मीणा,  डॉ राजेन्द्र प्रसाद, डॉ मीठालाल मीणा सहित सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारी उपस्थित थें। 

Wednesday, 21 February 2018



प्रसव के बाद अत्यधिक रक्त स्त्राव की रोकथाम के लियें अब मीजोप्रोस्टॉल गोली
पूरी तरह समझाकर, सावधानी के साथ देवे गोलियां - डॉ सुरेश मीणा आरसीएचओं
राजसमंद, 21 फरवरी। देश एवं प्रदेश में होने वाली कुल मातृ मृत्यु की 40 प्रतिशत मृत्यु प्रसव के बाद अत्यधिक रक्त स्त्राव के कारण होती है। इसलियें मातृ मृत्यु को रोकने के लियें मीजोप्रोस्टॉल गोली का वितरण आशा द्वारा किया जायेगा। यह जानकारी जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेश मीणा ने केलवाड़ा सीएचसी पर आयोजित एएनएम एवं आशाओं को इस संबंध में आयोजित कियें गयें प्रशिक्षण में दियें। 
उन्होंने बताया की यह कार्यक्रम जिलें में केवल कुम्भलगढ ब्लॉक के तीन सैक्टर मझेरा, रीछेड़ व केलवाड़ा में चयनित 14 गांवो में संचालित किया जायेगा जो सुदूर, अतिदुर्गम है जिसके कारण घर पर प्रसव होते है। 
आरसीएचओं डॉ सुरेश मीणा ने प्रशिक्षण में बताया की आशा एवं एएनएम को भरसक यह प्रयास करना चाहियें की प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रसव चिकित्सा संस्थान पर ही हो फिर भी ऐसी परिस्थितियों में जहां महिला प्रसव के समय स्वास्थ्य केन्द्र पर नहीं पहुंच पाती है और प्रसव घर पर होना निश्चित है ऐसे में प्रसव पश्चात अत्यधिक रक्त स्वात्र से बचाव के लियें मीजोप्रोस्टॉल तीन गोली के एक पैकिट का वितरण गर्भावस्था के आठवें माह में करना है। 
उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान बताया की घर पर प्रसव होने पर शिशु जन्म के तुरंत बाद और यदि प्रसव और शिशु जन्म रास्ते में हो जायें ऐसी परिस्थिती में यह तीनो गोलियां , एक बार में पानी के साथ शिशु जन्म के तुरंत बाद और आंवल निकलने से पहले गर्भवती महिला को लेनी होगी। गोली लेने से पहले यह सुनिश्चित करना है की गर्भ में दूसरा बच्चा नहीं है। 
मुख्य प्रशिक्षक डॉ कमलकांत शर्मा ने बताया की मीजोप्रोस्टॉल गोली को गर्भावस्था के दौरान, बच्चा होने से पहले नहीं लेना है। गोली को गर्भावस्था के दौरान और बच्चा होने से पहले लेने पर मां और बच्चे की जान खतरे में पड़ सकती है। आशा को यह सुनिश्चित करना होगा की गर्भवती महिला के साथ ही घर के अन्य सदस्यों को गोलियों के उपयोग के बारें मंे विस्तार से जानकारी देवे तथा गोली को घर पर सुरक्षित सूखे स्थान पर नमी, गर्मी और बच्चो से दूर रखने के लियें कहें। साथ ही ऐसी गर्भवती महिलाओं जिनके गर्भ में जुड़वा बच्चा हो, पहले ऑपरेशन से बच्चा हुआ हो, बच्चेदानी का कोई ऑपरेशन, बच्चा उल्टा या आड़ा हो, खुन की कमी एनिमिया हो, दिल की बिमारी हो या उक्त रक्तचाप हो को ये गोली का पैकिट नही देना है।
उन्होंने बताया की इन गोलियों के कोई बड़े दूष्प्रभाव नहीं है। कुछ सामान्य दुष्प्रभाव होते है बुखार, मितली, उल्टी, पेट के उपरी हिस्से में दर्द जो कुछ घंटो में समाप्त हो जाते है। प्रशिक्षण में खंड कार्यक्रम प्रबंधक सुरेश सैनी ,संबंधित क्षैत्र की एएनएम, आशा उपस्थित थी। 

Tuesday, 20 February 2018




बेटी मायावती को दिल के छेद की निःशुल्क सर्जरी से मिला नव जीवन 
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम मायावती के लियें देवदूत बनकर आया


राजसमंद, 19 फरवरी।  बेटी मायावती के जन्म से ही दिल में छेद होने के कारण बचपन से ही वह सामान्य बच्चों की तरह ना तो खाना पी पा रही थी, बिना किसी कारण थकावट और सांस फूलने की समस्या आम हो गई थी। मायावती की मॉं राधा  भी जन्म के साथ ही दूनिया छोड़ गई । पिता भंवर ने मायावती को नेड़ी गांव मे रह रहें नाना - नानी के घर छोड़ दिया और दूसरी शादी कर ली।
बिमारी के ईलाज के लियें मामा रमेश मायावती को ब्यावर में एक निजी हॉस्पीटल में लेकर गया जहां ऑपरेशन का खर्च सुन कर मजदूरी कर घर गुजारा चलाने वाले मामा अपनी आर्थिक स्थिती की बेबसी आगे रो पडे़। नाना - नानी और मामा हरदम यही दूआ करते की कैसे भी उनकी परिवार की लाडली मायावती का ईलाज हो जायें।
ऐसी हद्य विदारक स्थिती में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित मोबाईल हैल्थ टीम प्राथमिक विद्यालय नेड़ी में पहूंची और बच्चों की हैल्थ स्क्रिनिंग के दौरान डॉ जितेन्द्र सिंह रावत ने दिल की धड़कनों में असामान्य महसूस की और पूछताछ की तो मामा रमेश ने सारी बात एक सांस में कह दी। 
डॉ जितेन्द्र ने कार्यक्रम की जानकारी दी और कहा की मायावती के दिल का ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क निजी अच्छे चिकित्सा संस्थान में होगा। 
अभी हाल ही में मायावती के दिल के छेद की निःशुल्क सफल सर्जरी कार्डियोलोजिस्ट डॉ रमेश पटेल के नेतृत्व में उदयपुर स्थित गीतांजली हॉस्पीटल में हो गई, मायावती अब पूरी तरह स्वस्थ है। मामा रमेश सिंह ने बताया की सरकार की यह योजना देवदूत की तरह है जिसने बेटी मायावती के जीवन को फिर से उनकी झोली में डाल पूरें परिवार में खुशियों की बहार ला दी है। 


Friday, 16 February 2018


एएनएम एवं आशा तक नई वैक्सीन की जानकारी को साझा करें - सीएमएचओं डॉ पंकज गौड़
पीसीवी को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न

राजसमंद, 16 फरवरी। निमोकोकल कॉन्जुगेटेड वैक्सीन पीसीवी प्रदेश के नौ जिलों में नियमित टीकाकरण सारणी में शामिल किया जा रहा है जिसमें राजसमंद जिला भी शामिल है। यह टीका निमोनिया, दिमागी बूखार, खुन के इन्सफेक्शन, कान के इन्फेक्शन एवं बैक्टीरीया से बचाव करेगा। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पंकज गौड़ ने पीसीवी वैक्सीन के संबंध में जिला स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुयें दी। 
उन्होंने कहा की खंड स्तर पर सभी चिकित्सा अधिकारीयों का नवीन टीके को लेकर आमुखीकरण प्रशिक्षण समय पर आयोजित करें जिससें अप्रेल माह में पीसीवी की शुरूआत की जा सकें। अप्रेल माह से यह टीका सरकारी चिकित्सा संस्थानों तथा टीकाकरण सत्र स्थलों पर निःशुल्क लगाया जायेगा। 
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेश मीणा ने बताया की यह वैक्सीन पूर्व में 141 देशो के राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम मंे शामिल है। इस वैक्सीन के इस्तेमाल से उन देशो के बच्चों में न्यूमोनिया बिमारी और बाल मृत्युदर में काफी कमी आई है। प्राईवेट डॉक्टरर्स द्वारा यह वैक्सीन उपयोग में ली जा रही है। प्राईवेट में इस वैक्सीन को बच्चे को लगाने का खर्च जहां 3 से 4 हजार रूपयें होता है वही यह मंहगी वैक्सीन अब टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल होने से बच्चों को निःशुल्क उपलब्ध होगी। 
कार्यशाला में विश्व स्वास्थ्य संगठन से डॉ आरती सिंह, डॉ राजेश, डॉ मुदीत के साथ ही प्रशिक्षक डॉ कमल कांत शर्मा , डॉ विकास पुरूषोत्तम ने टीके के भण्डारण से लेकर लगाने के बारें विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला मंे बताया गया की यह टीका बच्चों को 6 सप्ताह, 14 सप्ताह तथा 9 माह पर लगाया जायेगा तथा यह काफी सुरक्षित है।
कार्यशाला में जिला आईईसी समन्वयक दिलीप श्रीमाली ने पीसीवी के शुरूआत से पहलें जिलें में प्रचार प्रसार की कार्ययोजना पर चर्चा करने के साथ एवं आमजन को इस टीके के लाभ बताने के उदे्श्य से गांव स्तर पर की जाने वाली गतिविधियों की बारे में जानकारी दी।
कार्यशाला में उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ इकरामुद्दीन चुड़ीगर, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जे.पी बूनकर, डॉ प्रहलाद सिंह सोंलकी, डॉ राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, डॉ मीठालाल मीणा एवं चिकित्सा अधिकारी प्रभारी उपस्थित थें।