Tuesday, 17 July 2018




सीएमएचओं, आरसीएचओं ने केलवाड़ा एवं खमनोर में स्वास्थ्य सेवाओं समीक्षा की
मातृ स्वास्थ्य एवं शिशु स्वास्थ्य के मुद्दो पर रहा जोर

राजसमंद, 17 जुलाई। चिकित्सा अधिकारीयों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है की वे क्षैत्र में प्रत्येक गर्भवती महिला, प्रसूता महिला एवं शिशु के स्वास्थ्य को लेकर आशाओं के माध्यम से सतत मोनिटरींग करें। यह निर्देश सीएमएचओं डॉ पंकज गौड़ ने सीएचसी केलवाड़ा के सभागार में विभागिय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में दियें। 
उन्होंने कहा की गर्भवती महिलाओं के शिघ्र पंजीयन के साथ ही प्रसव पूर्व होने वाली 4 जांचों को गुणवत्तापूर्ण करने के लियें निर्देशित किया। उन्होंने कहा की 4 जांचो के दौरान जटिल प्रसव होने का संदेह होने पर समय पर ही उच्च चिकित्सा संस्थान पर भिजवायें जिससें गर्भवती महिलाओं की पूर्ण जांच कर उपयुक्त उपचार दिया जा सकें। उन्होंने सिजेरीयन प्रसव की सम्भावना वाली महिलाओं को समय रहते ही जिला चिकित्सालय में रेफर करने एवं स्त्री एव प्रसूति रोग के विशेषज्ञ के माध्यम से जांच करवाने एवं ऑपरेशन की सम्भावित दिनांक लेने के लियें निर्देशित किया जिससें प्रसव के दौरान महिला को किसी प्रकार की  समस्याओं का सामना नहीं करना पडे़।
उन्होंने सभी एएनएम को निर्देशित किया की पंजीयन के साथ ही गर्भवती महिला से बैंक खाता संख्चा, आधार नम्बर एवं भामाशाह नम्बर लेवे जिससें प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना एवं राज श्री योजना के तहत मिलने वाली राशि का तत्काल भुगतान किया जा सकें। 
उन्होंने प्रसव के उपरांत शिशु स्वास्थ्य की दृष्टी से आशा एवं एएनएम के माध्यम से गृह आधारीत जांच को ईमानदारी के साथ गुणवत्तापूर्ण तरीके से करने के लियें निर्देशित किया तथा एएनएम से अपनी सेवा पंजिका को अपडेट रखने के लियें निर्देशित किया। 
बैठक में चिकित्सा अधिकारीयों एवं एलएचवी को समय-समय पर उपस्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर सेवा पंजिका का अवलोकन करने एवं उसमें पाई जाने वाली त्रुटियों एवं अच्छाई पर टिप्पणी लिखने के लियें निर्देशित किया गया। 
बैठक में आरसीएचओं डॉ सुरेश मीणा ने निर्देशित किया की गांव में दी जा रहीं सभी सेवाओं को एएनएम   ऑनलाईन अवश्य करावें। जिससें सेवाओं की सही समीक्षा की जा सकंे। 
बैठक में उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी परिवार कल्याण डॉ मीठा लाल मीणा ने परिवार कल्याण कार्यक्रम में योग्य दम्पत्तियों से निरंतर संपर्क करने एवं उन्हें आवश्यकतानुसार साधन उपलब्ध करवानें। छोटे परिवार के लियें योग्य दम्पत्तियों को प्रेरित कर परिवार कल्याण के स्थाई उपाय पुरूष एवं महिला नसबंदी अपनाने  के लियें निर्देशित किया। 
केलवाड़ा में आयोजित बैठक में खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रहलाद सिंह सोलंकी, खमनोर में डॉ जे.पी. बूनकर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक आशीष दाधीच, सभी चिकित्सा अधिकारी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित थें। 




गैर संक्रामक रोगो के नियंत्रण के लियें शिविर हुआ आयोजित

राजसमंद, 17 जुलाई। राष्ट्रीय कैंसर, मधुमेह, हद्य रोग, पक्षाघात बचाव एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत रेलमगरा ब्लॉक के उपस्वास्थ्य केन्द्र सांसेरा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एनसीडी प्रकोष्ठ की ओर से शिविर का आयोजन किया गया। 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पंकज गौड़ ने बताया की शिविर में 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिला एवं पुरूषो का उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह की जांच की गई। 
शिविर में चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ बी.एल.सैनी द्वारा शिविर में जांच की गई जिसमें से उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह से ग्रस्त मरीजों को निःशुल्क परामर्श एवं दवॉईयां दी गई। कॉउन्सलर विनोद पुरोहित द्वारा ग्रामीणो को शुगर, डायबिटिज, कैंसर एवं हद्य रोग के बारें में ग्रामीणों को जानकारी देते  हुयें बताया गया कि ये बिमारीयां मुख्यतया दैनिक जीवनचर्या से जुडे हुयें है। शारिरीक श्रम , नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन से इन बिमारीयों पर नियंत्रण संभव है। शिविर में तम्बाकू पदार्थो के उपयोग से सेहत पर होने वाले दुष्प्रभावों की भी जानकारी दी गई। 
शिविर का सरपंच रामेश्वर प्रजापत द्वारा भी अवलोकन किया गया तथा पंचायत के नागरीको को नियमित जांच हेतु प्रेरीत किया गया। शिविर में एलएचवी आशा मोदी, एएनएम सुनिता टेलर, लैब टेक्नीशियन गणेशलाल जाट, गजेन्द्र प्रजापत, दिलीप सनाढ्य, राकेश कुमार, कैलाश बिवाल ने सेवायें दी।  

Friday, 13 July 2018



प्रसव पूर्व जांचो की गुणवत्ता पर ध्यान देवे - डॉ सूरेश मीणा आरसीएचओं
रेलमगरा एवं आमेट में आयोजित खंड स्तरीय समीक्षा बैठक में दियें निर्देश

राजसमंद, 13 जूलाई। गर्भवती महिला के पंजीयन के बाद होने वाली 4 जांचो की गुणवत्ता पर ध्यान देना आवश्यक है। 4 जांचो के दौरान की जाने वाली सभी प्रकार की स्वास्थ्य जांचे सही एवं गुणवत्तापुर्ण हो तथा दी जाने वाली आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शीयम, विटामिन डी एवं ऐल्बेन्डाजॉल की गोलियों का सेवन गर्भवती महिलायें कर रहीं है या नहीं का फॉलोअप भी सुनिश्चित करें। यह निर्देश जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेश मीणा ने खंड आमेट एवं रेलमगरा में आयोजित स्वास्थ्य कार्यकर्ता की समीक्षा बैठक में दियें। 
उन्होंने कहा की गुणवत्तापूर्ण जांचो एवं सही सलाह से गर्भवती महिला को समय पर ही सही उपचार दिया जा सकता है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला के सतत संपर्क में रहना तथा विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। प्रत्येक एएनएम के पास उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला की पूरी मेडिकल हिस्ट्री एवं जांचो का रिकॉर्ड होना आवश्यक है। उन्होंने एएनम को निर्देशित किया कि गर्भवती महिला में खुन की कमी हो या अन्य कोई जटिलता समय पर रेफर करने से उपचार समय हो मिल जायेगा तथा सुरक्षित प्रसव सम्पादित किया जा सकेगा। 
आरसीएचओं डॉ सुरेश मीणा ने सभी चिकित्सा अधिकारीयों को भी गंभीरता से अपने क्षैत्र में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का नामवार संपूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड अद्यतन करने के साथ ही विशेष मानिटरिंग के लियें निर्देशित किया। जननी सुरक्षा योजना, शुभलक्ष्मी योजना, राज श्री योजना के बकाया भुगतान की लाभार्थीयों के नाम वार वस्तुस्थिती की समीक्षा की तथा भुगतान के लियें आवश्यक दस्तावेजो के संकलन के लियें आशा का सहयोग लेकर तत्काल भुगतान के लियें कहा। साथ ही प्रसव पूर्व जांच के दौरान ही गर्भवती महिला के बैंक खाता संख्या एवं भामाशाह कार्ड लेने के लियें भी निर्देशित किया। 
बैठक में कुपोषण से मुक्ति के लियें शिघ्र शुरू होने वाले पोषण कार्यक्रम के लियें घर - घर सर्वे कर 6 माह से 59 माह तक बच्चों की जांच करने तथा कुपोषित बच्चों की सूची तैयार करने के लियें निर्देशित किया गया तथा सभी उपस्वास्थ्य केन्द्रो पर डिलीवरी करवाने निर्देश दियें गयें। 
समीक्षा बैठकों में खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी रेलमगरा डॉ राजेन्द्र शर्मा, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी आमेट डॉ सी.पी सूर्या, खंड कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती सरीता जैन के साथ ही सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारी, एलएचवी एवं एएनएम उपस्थित थी। 

Wednesday, 11 July 2018



छोटे परिवार के लाभ एवं परिवार कल्याण साधनों की जानकारी पहुंचाये - श्री सुरेश पालीवाल सभापति 
परिवार कल्याण में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतो एवं चिकित्सा संस्थान का हुयें पुरूस्कृत  
विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम हुआ सम्पन्न
    
राजसमंद, 11 जुलाई। गांव - ढाणियों , पिछड़े समुदाय में आज भी जागरूकता की कमी है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं युवा आगे होकर अपने गांव एवं ढाणी में परिवार कल्याण साधनों की जानकारी एवं पहुंच बढ़ायें। विकास तभी नजर आयेगा जब आबादी कम होगी। यह आव्हान नगर परिषद् राजसमंद  के सभापति एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथी श्री सुरेश पालीवाल ने विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य भवन में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में व्यक्त कियें। 
उन्होंने बताया की पहले जहां बडे़े - बडे़ खेत हुआ करतें थें वहां अब ईमारते बन गई है। जो खेत बचें है उनका बंटवारा होते - होते बहुत छोटे हो गयें है। इसलियें यह स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और पढे- लिखें युवाओं की जिम्मेदारी है की वे अपने आस पास गांव - ढाणियों और कस्बों में परिवार नियोजन के संदेश को घर - घर तक पहुंचायें।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथी उपखंड अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद अग्रवाल ने बताया की पुरे विश्व की आबादी 7 अरब से अधिक हो गई है तथा देश की आबादी 1 अरब 32 करोड़ से अधिक हो गई। इसी तरह देश की आबादी बढती रही तो आने वाले कुछ वर्षो में चीन को पीछे छोड़ भारत सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन जायेगा जो चिन्ता का कारण होना चाहियें। प्राकृतिक संसाधनों पर जनसंख्या के दबाव के कारण सभी को रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मुलभुत सुविधायें भी उपलब्ध होने में मुश्किल होंगी इसलियें आवश्यक है की हम छोटे परिवार को अपनाने के लियें लोगो को प्रेरीत करें। 
इससे सीएमएचओं डॉ पंकज गौड़ ने अतिथीयों का स्वागत करते हुयें कहा की परिवार कल्याण कार्यक्रम केवल अंतराल साधनों एवं नसबंदी तक ही सीमित नहीं है हमें आमजन में शादी की सही उम्र, शादी के दो साल बाद पहला बच्चा और पहले व दूसरे बच्चें में कम से कम तीन साल के अंतराल के संदेश को पहुंचाना है। क्योंकी परिवार कल्याण प्रजनन स्वास्थ्य जुड़ा हुआ है। मां और बच्चें के स्वास्थ्य के लियें ये संदेश काफी महत्वपुर्ण है। उन्होंने बताया की जिलें में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तक गर्भनिरोधक इंजेक्शन अंतरा निःशुल्क उपलब्ध है। हमें अधिक से अधिक संख्या में महिलाओं को गर्भनिरोधक के लियें इस इंजेक्शन का उपयोग करने के लियें प्रेरीत करना है। यह एक बेहतर अंतराल साधन है। 
कार्यक्रम में जनसंख्या स्थायित्व के क्षैत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायत काछबली, विजयपुरा, सांगठ एवं झालो की मदार के सरपंच एवं एएनएम को एक - एक लाख की राशि का चैक, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ती पत्र प्रदान कर पुरूस्कृत किया गया वहीं सामुदायीक स्वास्थ्य केन्द्र कांकरोली को। वहीं विभागीय कार्यो  में उत्कृष्ट योगदान के लियें श्यामा चौधरी एलएचवी, नूतन रेगर व ज्योत्सना वैष्णव को  प्रशस्ती पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। 
कार्यक्रम को डिप्टी सीएमएचओं डॉ एम.एल.मीणा ने संबोधित करते हुयें मोबिलाईजेशन पखवाडे़ में की गई गतिविधियों के साथ ही परिवार कल्याण के अंतराल साधनों आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी, गर्भनिरोधक गोलियांे, अंतरा इंजेक्शन के बारें में विस्तार से जानकारी देते हुयें सभी अतिथीयों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ दीपिका दाधीच एवं दिलीप श्रीमाली ने किया। 

सभी ब्लॉक में  उमंग के साथ मनाया विश्व जनसंख्या दिवस.................
जिलें के सभी ब्लॉक पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा समारोह आयोजित कर जनप्रतिनिधियों की सहभागिता में विश्व जनसंख्या दिवस आयोजित किया गया तथा परिवार कल्याण में विशिष्ठ योगदान वाले कार्मिको का सम्मान किया गया। समारोह में परिवार कल्याण कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी गई।



Wednesday, 4 July 2018




उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का प्रसव प्रबंधन सुनश्चित करें - जिला कलक्टर श्रीमती आनन्दी

राजसमंद, 4 जुलाई। सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारी अपने क्षैत्र की उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सूची अपने पास रखें एवं एएनएम के माध्यम से लगातार फॉलोअप कर उनके प्रसव का प्रबंधन सुनिश्चत करें जिसमें समय पर गर्भवती महिला को उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर करने के साथ ही सोनोग्राफी सहित सभी जांचे, ब्लड की कमी होने पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन और सिजेरीयन की आवश्यकता होने पर ऑपरेशन समय पर हो जायें और मां और बच्चा स्वस्थ और सुरक्षित रहें। यह निर्देश जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी ने जिला कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति बैठक की अध्यक्षता करतें हुयें दियें। 
जिला कलक्टर ने निर्देशित किया की चिकित्सा अधिकारी जिस गर्भवती महिला का सिजेरीयन होना है उसे समय रहते ही उच्च चिकित्सा संस्थान पर भेजे जिससें सही समय पर महिला की सोनोग्राफी सहित सभी आवश्यक जांचे हो सकें तथा सिजेरीयन के लियें तारीख मिल सकें और उस अनुरूप तैयारी की जा सकें। 
जिला कलक्टर ने आर.के राजकीय जिला चिकित्सालय में कार्यरत स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ श्रीमती मंजू पुरोहित, ब्लड बेंक प्रभारी को भी निर्देशित किया कि वे ग्रामीण क्षैत्रो से आने वाली गर्भवती महिलाओ के ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लियें रेडक्रॉस सोसायटी के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें की आगे से कोई भी गर्भवती महिला बिना ब्लड ट्रांसफ्यूजन के जिला चिकित्सा से नहीं जायें । 
वहीं चिकित्सा अधिकारीयों को निर्देशित किया कि वे उच्च जोखिम वाली महिलाओं को उच्च चिकित्सा संस्थान पर रेफर करने के वक्त आशा सहयोगिनी को गर्भवती महिला के साथ अनिवार्य रूप से भेजे। उन्होंने इसके लियें एक वाट्सऐप ग्रुप बनाने के लियें निर्देशित किया जिसमें जिला चिकित्सालय के स्त्री एवं प्रसुति रोग विशेषज्ञ, जिलें के सभी चिकित्सा अधिकारी प्रभारी, ब्लड बेंक के प्रभारी एवं रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव, जिला आशा समन्वयक सदस्य होंगे।  
बैठक में विभाग द्वारा मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी सेवाओं के रिकार्ड संधारण हेतु एएनएम द्वारा उपयोग में लियें जा रहें आरसीएच रजिस्टर के बारें में विस्तार से पॉवर पोइन्ट प्रजेंटेशन के माध्यम से चिकित्सा अधिकारीयों को अपने क्षैत्र में कार्यक्रमों की मोनिटरिंग के लियें एक बेहतरीन टूल के रूप में उपयोग करने के लियें निर्देशित किया गया। 
आरसीएच रजिस्टर के माध्यम से योग्य दम्पत्तियों की सूची, नसबंदी केसेज का चयन, गर्भवती महिलाओं का शिघ्र पंजीयन, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सूची, गर्भवती महिलाओं की शेष रही प्रसव पूर्व जांच का पता करने, मिसींग डिलिवरी का पता करने सहित नियमित टीकाकरण के लियें सूची तैयार करावें।  
उन्होंने कहा की जिलें मंे गर्भवती महिलाओं के शत प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित तभी होगा जब चिकित्सा अधिकारी आरसीएच रजिस्टर को मोनिटर करेंगे। गर्भवती महिलाओं के शिघ्र पंजीयन से कन्या भ्रुण हत्या रोकथाम के लियें भी एक पुख्ता निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।  
बैठक में जिला कलक्टर ने सभी उपस्वास्थ्य केन्द्रो एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो पर प्रसव सुनिश्चित करने के लियें निर्देशित किया। उन्होंने कहा की जिस भी संस्थान पर बिजली, पानी के साथ ही प्रसव हेतु अन्य आधारभुत सुविधायें नही है । चिकित्सा संस्थान वार सूची बनावें जिससें कमीयों को दूर कर प्रसव सुनिश्चित किया जा सकें तथा एएनएम के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा सकें। 
इससें पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पंकज गौड़ ने जिलें में राज श्री योजना, जननी सुरक्षा योजना, शुभलक्ष्मी योजना के लाभार्थीयांे के भुगतान एवं बकाया कैसेज, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, राजसंगम सहित मौसबी बिमारीयों के प्रबंधन को लेकर आवश्यक जानकारी दी एवं समीक्षा की चिकित्सा अधिकारीयों को निर्देशित किया। 
बैठक में सभी खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारीयों ने खंड में उच्च गर्भवती महिलाओं की वस्तुस्थिती, ग्राम स्वास्थ्य एंव स्वच्छता समिति, डिलवरी पोइन्ट, चिकित्सा संस्थानो पर मिलने वाले अनटाईड फंड की स्थिती, प्रसव पूर्व जांचे, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, नसबंदी, पीपीआईयूसीडी के सम्बन्द्ध में विस्तार से पॉवर पोइन्ट प्रजेंटेशन दिया। जिस पर जिला कलक्टर से आवश्यक निर्देश दियें। 
इससें पूर्व जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुरेश मीणा ने सभी चिकित्सा अधिकारीयों को निर्देशित किया की पोषण कार्यक्रम के तहत चयनित खंड के चिकित्सा अधिकारीयों को निर्देशित किया की वे आशा के माध्यम से 6 माह से 59 माह के बच्चों की गुणवत्तापूर्ण स्क्रीनिंग आशा के माध्यम से सुनिश्चित करवातें हुयें सूची जिला स्तर पर अतिशिघ्र भिजवायें। 
बैठक में उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ इकरामुद्दीन चुड़ीगर ने जिलें में मौसमी बिमारीयों के संबंध मंे निर्देशित करते सैक्टर वाईज ब्लड स्लाईड कलेक्शन, पेयजल नमुनो, हैचरीज की स्थिती से अवगत कराया। उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी परिवार कल्याण मीठालाल मीणा ने जिलें में नसबंदी, पीपीआईयूसीडी एवं अंतरा मंे अब तक की प्रगति से अवगत कराया तथा परिवार कल्याण कार्यक्रम में उपलब्धी के लियें विशेष प्रयास करने के लियें निर्देशित किया। प्रभारी अधिकारी जिला औषधी भण्डार डॉ अनिल जैन ने पॉवर पोइन्ट प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिलें के चिकित्सा संस्थानो पर दवाईयों की उपलब्धता एवं वितरण के प्रबंधन को राज्य स्तर पर बेहतरीन रेकिंग के लियंे बधाई दी तथा लगातार सुधार के लियें कहा। 
   बैठक में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ बी.पी जैन, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ ललित पुरोहित, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रहलाद सिंह सौलंकी, डॉ जे.पी बूनकर, डॉ कमलेश मीणा, डॉ राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, डॉ गौरव सहित सभी चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थें। 

Tuesday, 3 July 2018



तम्बाकू के दुष्प्रभावो पर निबंध लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगितायें होगी आयोजित

गांवो में निकलेगी जागरूकता रेलीया 

राजसमंद, 3 जुलाई। किशोर विद्यार्थीयों को तम्बाकू से सेहत पर पड़ने वाले दूष्प्रभावों की जानकारी देने जिला तम्बाकू प्रकोष्ठ की और से इस माह विभिन्न स्कूलों में निबंध लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगितायें आयोजित करवायी जायेगी साथ ही गांव मंे तम्बाकू के व्यसन से मुक्ति के लियें विद्यार्थियों द्वारा जागरूकता रेलीयों का आयोजन किया जायेगा।। 
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पंकज गौड़ ने बताया कि दिनांक 6 जुलाई को उच्च माध्यमिक विद्यालय छापली व दिवेर, 7 जुलाई को बालिका विद्यालय देवगढ एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय देवगढ़ , 9 जुलाई को उच्च माध्यमिक विद्यालय मझेरा एवं बालिका विद्यालय केलवाड़ा, 10 जुलाई को उच्च माध्यमिक विद्यालय पनोतिया एवं गलवा, 11 जुलाई को उच्च माध्यमिक विद्यालय मोलेला एवं मचींद, 12 जुलाई को उच्च माध्यमिक विद्यालय कोटड़ी एवं धनेरीया, 17 जुलाई को उच्च माध्यमिक विद्यालय बनेडि़या एवं सुन्दरचा, 16 जुलाई को उच्च माध्यमिक विद्यालय पुनावली एवं धोइन्दा में तम्बाकू से सेहत पर होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर निबंध लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगितायें आयोजित की जायेंगी। प्रतियोगिता में विजेता विद्यार्थियों को प्रोत्साहन के रूप में पुरूस्कार का वितरण भी किया जायेगा। 
विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों के सफल संचालन हेतु तंबाकू प्रकोष्ठ से हार्दीक जोशी, जमील अहमद गौरी, कपील भारद्वाज एवं अंकित कुमार एवं ब्रम्हकुमारी संस्थान की टीम को नियोजित किया गया है। 

Friday, 29 June 2018


खुदा ना सही खुदा से कम भी तो नही हां तुम्ही आरबीएसके............

राजसमंदए 29 जून।  कुछ अजीब लग रहा है ना ये आरबीएसके और खुदा ये क्या बेवकूफी है पर आप ही बताओं गलत कहां है। आपकों लगता है सरकारी कार्यक्रमों के बारें ऐसे कैसे लिखा जा सकता है तो पहले ही गुस्ताखी माफ। 
लेकिन दिल से यही अल्फाज निकले तो मेरा क्या कसूर। पर हां आपको बता दूं यह कोई ऐसा कार्यक्रम नहीं जिसकी उपलब्धियां गिना कर इति श्री कर दी जायें। इस कार्यक्रम ने अल्फाजों से परें कई दिलो को सुकूं दिया है। यदि आप मां . बाप है या आप बेटा बेटी है तो फिर क्या कभी कोई अल्फाज इन रिश्तो को परिभाषित कर सकता है ये एक अहसास ही है जो हम सभी जी रहें है। 
ना जाने गुड न्यूज सुनते ही कब कैसे मां बाप ख्वाब बुनना शुरू कर देते है ए हां घर में दादी अम्मा भी तो खुश खबरी को कहां रोक पाती है घर के चौबारे में बैठ गली में हर आने जाने वाले को रोक . रोक कर बड़ी लजीज मिठाईयां और लड्डू ना सहीए गुड़ धनियां ही बांटना शुरू कर देती है। भुआ को खबर मिलते ही अपने घर में कहीं से पुरानी बची हुई ऊन ढूंढ स्वेटर और मौजे तैयार कर लेती है। दादा की चाल में एक ठसक सी पैदा हो जाती है। जी हां ये सब अनायास होता है चाहें गरीब हो या अमीर अहसास सबकें एक जैसे होते है नयें मेहमान के आने की तैयारी करनी नही पड़ती हो जाती है। अब चाहंे मंा गरीब हो अमीर उसका मन एक जैसा होता है नाए सभी को खुश देख वह तो हया से रूबरू हो स्मित मुस्कान से सारे जहां की खुशीयां अपनी झोली में भर लेती है। 
लेकिन हम उस जलजले की कल्पना नहीं कर सकते जब एक गरीब के घर कोई नया मेहमान किसी शारीरिक विकृति या बड़ी बिमारी के साथ पैदा होता है। कभी कभी तो यह बिमारीयां काफी दिनो बाद पता चलती है।  मां . बाप के सारें अरमान सारी खुशीयां एक पल में ही काफूर हो जाती है। पूरा परिवार सदमें में आ जाता है पर रूपयें पैसे की तंगी में कैसे अपने बच्चे का इलाज करवायें यह यक्ष प्रश्न हमेशा उनको सालता रहता है। अब गांव ढाणी में वह बच्चा किसी आंगनवाड़ी और बाद में किसी सरकारी स्कूल में होता है। वहां वह अपनी शारीरिक अक्षमताओं एवं विकृतियों के कष्टो के साथ जैसे तैसे जी रहा होता है आस पास वालो के लियें दया का पात्र बन जाता है।  
जिदंगी एक पटरी नहीं होती जो एक सीध में चलती जायें। वैसे देखा जायें तो दुनिया के लोगो को दो भागो में ही बांटना चाहियें एक अमीर जिनकों सब कुछ उपलब्ध है दूसरा गरीब जो हर रोज अपने परिवार की रोटी की चिंता में ही जीवन को ढेर कर देता है। 
पर ये आज में क्या और क्यूं लिख रहा हूं आप सभी को उस कार्यक्रम से रूबरू करवाने जो एक ऐसी संवेदना के साथ चल रहा है जिसें हम कहीं भुला बैठे है। हम अपनी दुनियां में व्यस्त हैए हमारे अपने लक्ष्य अपनी महत्वकांक्षायें है जो है उससें ज्यादा की चाह ने हम सभी को एक रेस में दौड़ा रखा है।
 हमें नहीं पता दूर किसी ढाणी में उस आदमी का दर्द जो अपनी झाड़ फूस की टापरी में कैसे अपने परिवार को पालने के लियें जतन कर रहा है। अब जो दो जून की रोटी के लियें जुगाड़ कर रहा हो उसके बच्चों में कोई गंभीर बिमारी या जन्म से ही दोष हो तो वह कहां से इनका इलाज करवायें। कौन उसका इलाज मुफ्त में करेगाए इलाज के लियें वह पैसा कहां से लायेगा। अपने जिगर के टूकड़ो को कौन ऐसे ही ऊपरवाले के भरोसे छोड़ना चाहता है लेकिन कौन है जो उसकी बेबसी को समझे। आरबीएसके उन गुरबत में जीने वालो के जीवन में एक अपरिमित हर्ष का अनदेखा रंग भर रहा है और उनके बेटो . बेटीयों के अनमोल बचपन को लौटा रहा है।
कितना अच्छा है ना कि केवल इसी के लियें एक प्रतिबद्ध प्रशिक्षित स्वास्थ्य टीम हर गांव ढाणी के आंगनबाड़ी और स्कूल में जा रही है जहां ये गरीब बच्चें जिदंगी का पहला पाठ शुरू कर रहें हैै। बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर बिमारीयों के अनुसार उनको उच्च चिकित्सा संस्थानो पर रेफर कर इलाज करवाया जा रहा है। 
ना जाने कैसी . कैसी गंभीर बिमारीयांे ने इन गरीब मासूम नोनिहालों का जीवन नारकीय बना रखा था। किसी बच्चे के दिल की बीमारी, किसी के होंठ व तालु कटे हुयें , किसी के हाथ पैर मुडे़ हुयें है , डाउन सिंड्रोम  न्यूरो मोटर डिस ऑर्डरए न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट,  मोतियाबिंद, बहरापन ,चर्म रोग , ओटिज्म जैसी कई अनगिनत बिमारीयों का इलाज गुणवत्तायुक्त सरकारी एवं प्राईवेट हॉस्पीटल में किया जा रहा है।   
बिना किसी लालफिताशाहीए कोई बड़ी प्रक्रिया के बिल्कुल कैशलेस उपचार ने हजारों मासूम बच्चों के जीवन की राह को आसान कर दिया है। कार्यक्रम का असर लफ्जो से इतर केवल उन परिजनों के आंखो में देखना भर काफी है जिनके लख्ते जिगरों का इलाज हुआ है। यह कार्यक्रम गुरबत में जीने वाले परिवारों के लियें खुदा ना सही खुदा से कम भी तो नहीं ही है।